इलाहाबाद विश्वविद्यालय : अनशन कर रहे 30 छात्रों की हालत बिगड़ी, आक्रोशित साथियों ने परिसर में जमकर किया हंगामा

 इलाहाबाद विश्वविद्यालय : अनशन कर रहे 30 छात्रों की हालत बिगड़ी, आक्रोशित साथियों ने परिसर में जमकर किया हंगामा

आठ घंटे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मेन गेट पर बैठे रहे छात्र, ठप रहा आवागमन। आमरण अनशन जारी, तेजी से बिगड़ रही है छात्रों की तबीयत। परिसर में बढ़ा तनाव, 15 हजार रुपये यूजर चार्ज का छात्र कर रहे हैं विरोध।

कोरोना काल के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को पांच से 15 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी किए जाने के विरोध में चल रहे आमरण अनशन में शामिल छात्रों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी है।

तीन दिनों से जारी अनशन के दौरान अब तक 30 छात्र बेजी अस्पताल में भर्ती कराए जा चुके हैं। इससे नाराज छात्रों ने शुक्रवार को इविवि परिसर के मेन गेट पर ताला जड़ दिया और वहीं अनशन पर बैठ गए। 14 घंटे तक परिसर में वाहनों का आवागमन ठप रहा। छात्र रात आठ बजे मेन गेट से उठकर वापस डीएसडब्ल्यू कार्यालय पहुंचे।

इविवि प्रशासन ने 1097 छात्रों को यूजर चार्ज जाम करने का नोटिस जारी किया है। इनमें से ज्यादातार छात्रों को 15-15 हजार रुपये जमा करने हैं। छात्र इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को एक नई मांग उठी कि सभी छात्रों से अधिकतम पांच हजार रुपये लिए जाएं तो आंदोलन स्थगित कर देंगे।

हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं है। डीएसडब्ल्यू कार्यालय पर आमरण अनशन पर बैठे छात्र शुक्रवार दोपहर 12 बजे लाइब्रेरी के सामने मेन गेट पर पहुंच गए और वहीं अनशन पर बैठ गए। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहन न तो बाहर निकल सके और न ही बाहर से वाहनों को प्रवेश करने दिया गया।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा कैंपस
इस दौरान परिसर में तनाव का माहौल रहा और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही। चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार और उनकी पूरी टीम भी दिनभर वहां मौजद रही। हालांकि कला संकाय में बन रही नई बिल्डिंग के बगल से एक रास्ता ढूंढ लिया गया और कुछ वाहनों को वाहनों को वहां से निकलवाया गया, लेकिन ज्यादातर शिक्षक और कर्मचारी अपने वाहन परिसर में ही छोड़कर बाहर निकले।

रात आठ बजे छात्र मेन गेट से हटे और फिर से डीएसडब्ल्यू कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठ गए। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलेश यादव एवं अन्य आंदोलनकारियों का कहना है कि इविवि प्रशासन अगर रविवार तक सामान्य रूप से अधिकतम पांच हजार रुपये जमा करने का आदेश जारी नहीं करता है तो इसके बाद छात्र एक रुपया भी जमा नहीं करेंगे।

मामले के निस्तारण के लिए कुलपति ने बनाई कमेटी
इविवि में यूजर चार्ज से जुड़े मामले के निस्तारण के लिए कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है। समिति का चेयरमैन डीन कॉलेज डेवलपमेंट प्रो. पंकज कुमार को बनाया गया है और डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार एवं रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला कमेटी के सदस्य होंगे। समिति के लोग छात्रों से बातचीत करेंगे और उनका सुझाव भी लेंगे।

‘छात्रों को लगता है कि अगर यूजर चार्ज का निर्धारण गलत हो गया है तो वे प्रार्थनापत्र दे सकते हैं। रिव्यू किया जाएगा। अगर किसी छात्र को यूजर चार्ज जमा करने का नोटिस दिया गया है और उसे लगता है कि वह हॉस्टल में एक दिन भी नहीं रहा एवं निर्धारण गलत हो गया है तो रिव्यू में छात्र का दावा सही पाए जाने पर उसका पूरा यूजर चार्ज माफ कर दिया जाएगा।’ प्रो. हर्ष कुमार, चीफ प्रॉक्टर, इविवि

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