India को Russian Oil की सप्लाई करने के लिए कई छोटे ट्रेडर्स आगे आये है। 2022

 India को Russian Oil की सप्लाई करने के लिए कई छोटे ट्रेडर्स आगे आये है। 2022

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India को Russian Oil की सप्लाई करने के लिए कई छोटे ट्रेडर्स आगे आये है।

India को Russian Oil की सप्लाई करने के लिए कई छोटे ट्रेडर्स आगे आये है। यूक्रेन पर रूस के हमले (Russia Ukraine War) के महीनों गुजर जाने के बाद अब कई छोटे अंतरराष्ट्रीय व्यापारी भारत को उस रूसी तेल ( Russian Oil ) की आपूर्ती करने के लिए आगे आ रहे हैं जो रूस के विरोधी खेमे ने लेने से इंकार कर दिया है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार भारत की सरकारी रिफायनरी जैसे इंडियन ऑइल कॉर्परेशन (Indian Oil Corp.) छोटे और कम साख वाले व्यापारियों से तेल खरीदने के लिए तैयार हो रही हैं।

रिफायनरी के अधिकारियों का कहना है कि रूसी उत्पादकों के साथ काम करने की बजाए उनके साथ काम करना आसान है क्योंकि इसमें ब्यूरोक्रेसी कम होती है जो बातचीत को धीमा कर देती है। वेलब्रेड और मॉन्टफोर्ट जैसी कंपनियां रूसी तेल ( Russian Oil ) भारतीय खरीददारों को बेच रही हैं और वो कोरल एनर्जी और एवरेस्ट एनर्जी जैसे ट्रेडर्स की राह पर चल रही हैं। यह कंपनियां बड़े समूहों जैसे विटोल ग्रुप की कमियों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

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ब्लूमबर्ग ने जब इस बारे में आईओसी, वेलब्रेड, मॉन्टफोर्ट, रोसनेफ्ट जैसी कंपनियों से सवाल करने के लिए ईमेल भेजे तो किसी का जवाब नहीं आया। व्यापारियों और जहाज के बिचौलियों ने कहा कि वो इन कंपनियों के बारे में अधिक नहीं जानते, केवल इतना जानते हैं कि वो समय-समय पर ईंधन लाती-ले जाती रहती हैं।

वंदा इनसाइट की फाउंडर वंदना हरि कहती हैं,  “भारतीय रिफायनरियां भी अब इन नए, छोटे ट्रेडर्स के साथ डील करने का खतरा उठाना चाहती हैं, क्योंकि इनसे मिलने वाला डिस्काउंट मना करना आसान नहीं है। हम जानते हैं कि भारतीय रिफायनरियां चाहती हैं कि रूसी कार्गो की आपूर्ती उन्हें डिलीवरी बेसिस पर हो। जब तक नए ट्रेडर यह ज़रूरत पूरी कर रहे हैं, यह काम बनता रहेगा.”

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