अगले साल लगने वाले हैं कुल 4 सूर्य और चंद्र ग्रहण, आज ही जान लें उनका समय और सूतक काल

 अगले साल लगने वाले हैं कुल 4 सूर्य और चंद्र ग्रहण, आज ही जान लें उनका समय और सूतक काल

यहां हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य और चंद्र  ग्रहण बहुत ही महत्वपूर्ण माने गए हैं. अगले साल यानी 2022 में कुल 4 ग्रहण लगने जा रहे हैं. इसमें 2 सूर्य ग्रहण होंगे तो वहीं, 2021 का आखिरी सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर को लगेगा

हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2022 का पहला सूर्यग्रहण तीस  अप्रैल यानी शनिवार को लगने जा रहा है.  इसका समय  दोपहर 12:15 से लेकर शाम 04:07 बजे तक रहने वाला है.  यह आंशिक ग्रहण होगा, जिसका असर दक्षिणी/पश्चिमी अमेरिका, पेसिफिक अटलांटिक और अंटार्कटिका में देखने को मिलेगा. साल 2022 का दूसरा सूर्य ग्रहण मंगलवार यानी 25 अक्टूबर को होगा. यह  ग्रहण भी आंशिक ही होगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक यह ग्रहण 25 अक्टूबर यानी मंगलवार शाम 16:29:10 बजे से शुरू हो जाएगा और 17:42:01 बजे तक रहने वाला है. इसे यूरोप, दक्षिणी/पश्चिमी एशिया, अफ्रीका और अटलांटिका में लोग देख सकेंगे. इसका प्रभाव भारत में नहीं पड़ने वाला है.  बता दें कि खगोलशास्त्रियों के अनुसार 18 साल में कुल 41 सूर्य ग्रहण ही लगते हैं, वहीं एक साल में अधिकतम 5  ग्रहण हो सकते हैं.

2022 में कब लगेगा चंद्र ग्रहण 

ज्योतिषशास्त्र की माने तो साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण  15 और 16 मई को  सुबह 7 बजकर 2 मिनट से शुरू हो जाएगा और 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. ये दोनों ग्रहण पूर्णचंद्र ग्रहण होने वाले हैं.
यह पहला चंद्र ग्रहण होगा, जिसका असर भारत में भी देखने को मिलने वाला है. इसका प्रभाव दक्षिणी/पश्चिमी यूरोप, दक्षिणी/पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पैसिफिक, अटलांटिक, अंटार्कटिका, हिन्द महासागर में भी दिखाई देगा. विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहण काल के दौरान सूतक काल अधिक प्रभावी होने वाला है, ऐसे में इस दौरान आपको अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी. चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा है, जो चंद्र ग्रहण की समाप्ति पर ही खत्म होगा. इस ग्रहण के दौरान सूतक काल अधिक प्रभावी होगा, ऐसे में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है.

2022 का दूसरा चंद्र ग्रहण

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार साल 2022 का दूसरा अंतिम चंद्र ग्रहण 8 नवंबर दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 27 मिनट तक रहने वाला है.  यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. आपको बता दें पहले कि  तरह यह भी पूर्ण चंद्र ग्रहण ही होगा. इस दौरान सूतक काल अधिक प्रभावित करेगा.  इसका प्रभाव भारत समेत दक्षिणी/पूर्वी यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, पेसिफिक, अटलांटिक और हिंद महासागर में भी दिखाई देगा.

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